एक भी आँसू न कर बेकार एक भी आँसू न कर बेकार जाने कब समंदर माँगने आ जाए पास प्यासे के कुँआ आता नहीं है यह कहावत है अमरवाणी नहीं है और जिसके पास देने क…
आहिस्ता चल ज़िन्दगी कई क़र्ज़ चुकाना बाकी है| कविता आहिस्ता चल ज़िन्दगी कई क़र्ज़ चुकाना बाकी है कुछ दर्द मिटाना बाकी है कुछ फर्ज़ निभा…
सच है, विपत्ति जब आती है सच है, विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है, सूरमा नहीं विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं,…
चलना हमारा काम है गति प्रबल पैरों में भरी फिर क्यों रहूं दर दर खडा जब आज मेरे सामने है रास्ता इतना पडा जब तक न मंजिल पा सकूँ, तब तक मुझे न विर…
अगर मैं पंच होता अगर मैं पंच होता मैं न्याय और धर्म के सर्वोच्च आसन पर बैठा होता न्याय की चादर से लिपटा होता या उत्तरदायित्व में सिमटा होता …
बूढ़े जब हो जाओगे तूम बूढ़े जब हो जाओगे तूम जब ताकत अपनी खो जाओगे तूम। बेटे तुमसे ऐसा बरताव करेंगे बिन आँसू के रो जाओगे तुम। वह तेरे करम भू…
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