एक भी आँसू न कर बेकार एक भी आँसू न कर बेकार जाने कब समंदर माँगने आ जाए पास प्यासे के कुँआ आता नहीं है यह कहावत है अमरवाणी नहीं है और जिसके पास देने क…
आहिस्ता चल ज़िन्दगी कई क़र्ज़ चुकाना बाकी है| कविता आहिस्ता चल ज़िन्दगी कई क़र्ज़ चुकाना बाकी है कुछ दर्द मिटाना बाकी है कुछ फर्ज़ निभा…
सच है, विपत्ति जब आती है सच है, विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है, सूरमा नहीं विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं,…
चलना हमारा काम है गति प्रबल पैरों में भरी फिर क्यों रहूं दर दर खडा जब आज मेरे सामने है रास्ता इतना पडा जब तक न मंजिल पा सकूँ, तब तक मुझे न विर…
अगर मैं पंच होता अगर मैं पंच होता मैं न्याय और धर्म के सर्वोच्च आसन पर बैठा होता न्याय की चादर से लिपटा होता या उत्तरदायित्व में सिमटा होता …
बूढ़े जब हो जाओगे तूम बूढ़े जब हो जाओगे तूम जब ताकत अपनी खो जाओगे तूम। बेटे तुमसे ऐसा बरताव करेंगे बिन आँसू के रो जाओगे तुम। वह तेरे करम भू…
Poem on Mother मां वो मां है , जिनके कदमों में जन्नत भी आकर बस्ती है। उलेमाओं के दुनिया में लाखों आलिम आए गए इन सबकी इज्जत मां से ह,इन सब की …
Poem of Nida Fazli on Life सफ़र में धूप तो होगी जो चल सको तो चलो सभी हैं भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो इधर उधर कई मंज़िल हैं चल सको तो चलो …
डर से मत डर, डर से मत डर, कुछ अलग कर 6 अंगुलियों वाला कभी कलाकार नहीं बन पाएगा, डर तुझे ये समझाएगा मगर तू आत्मविश्वास दिखाएगा, तू डर से आंख मिलाएग…
Harivansh Ray Bacchan लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती कोशिश करने वालों की हार नहीं होती नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है चढ़ती दीवारों पर,…
Harivansh Ray Bacchan वृक्ष हों भले खड़े, हों घने हों बड़े, एक पत्र छाँह भी, माँग मत, माँग मत, माँग मत, अग्निपथ अग्निपथ अग्निपथ। तू न थकेगा क…
An Inspirational poem of Hritik Roshan " Darr se mat darr, kuch alag kar 6 ungliyon walaa kabhi kalakaar nahi ban paayega darr tujhe ye sam…
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